मोदी सरकार देश के हर नागरिक को घर बैठे देगी पैसा, पूरा प्लान तैयार

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  • January,6,2017
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बिजनेस इनसाइडर की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत सरकार 'यूनिवर्सल बेसिक इनकम' नाम की एक नई योजना लाने पर विचार कर रही है।

नई दिल्ली, जेएनएन। मोदी सरकार देश के हर नागरिक को हर महीने आमदनी के तौर पर एक निश्चित रकम देने की तैयारी में है। इस स्कीम का फायदा अमीर-गरीब सभी को होगा। यानी कि आपको कहीं जाना नहीं पड़ेगा और सरकार आपको एक बंधी हुई सैलरी हर महीने देगी। जानें कब शुरु होगा ये और क्या है पूरी स्कीम ....

क्या है वो स्कीम
बिजनेस इनसाइडर की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत सरकार 'यूनिवर्सल बेसिक इनकम' नाम की एक नई योजना लाने पर विचार कर रही है। इसका मतलब है कि सरकार देश के हर नागरिक को घर बैठे ही एक निश्चित रकम देगी। चाहे वो व्यक्ित काम करता हो या नहीं। सूत्रों की मानें तो आर्थिक सर्वे और आम बजट में इसका ऐलान हो सकता है।

प्रस्ताव है तैयार
लंदन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर गायस्टैडिंग ने इस प्रस्तााव को तैयार किया है। उनका दावा है कि मोदी सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और बहुत जल्द सभी देशवासियों को इसका लाभ मिल सकेगा। प्रोफेसर गाय ने यह भी संकेत दिया कि सरकार इसे फेज वाइज लागू करेगी। आपको बताते चलें कि प्रोफेसर गाय पूरी दुनिया में 'यूनिवर्सल बेसिक इनकम' की वकालत कर रहे हैं।

प्रति महीना 500 रुपये मिलेंगे प्रोफेसर गाय के मुताबिक, इस स्कीम को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर मध्य प्रदेश के एक गांव में लॉन्च किया गया था। इसमें पुरुष-महिला को 500 और बच्चे को हर महीने 150 रुपये दिए गए। इन पांच सालों में इनमें अधिकतर ने इस स्कीम का लाभ मिलने के बाद अपनी आय बढ़ा दी।
दिल्ली में लगभग दो सौ लोगों के बीच प्रयोग सफल रहा। इनकी केस स्टडी को सरकार ने देखने-समझने के बाद ही आगे बढ़ने का मन बनाया। कहां से आएगा इतना पैसा देश के सवा अरब लोगों को हर महीना 500 रुपये देने से सरकार पर अतिरिक्त बोझ पड़ना तय है। ऐसे में इस बोझ से निपटने के लिए नया हल निकला गया। प्रोफेसर गाय के मुताबिक, अगर स्कीम को पूरे देश में लागू किया जाता है तो जीडीपी का 3 से 4 फीसदी खर्च आएगा, जबकि अभी कुल जीडीपी का 4 से 5 फीसदी सरकार सब्सिडी में खर्च कर रही है। यानी कि इस स्कीम को लागू करने के बाद सरकार को चरणबद्ध तरीके से सब्सिडी समाप्त करने की दिशा में भी कदम उठाना पड़ेगा। यूनिवर्सल बेसिक इनकम स्कीम और सब्सिडी दोनों साथ-साथ नहीं चल सकतीं। इसके अलावा इस स्कीम के लिए सरकार माइनिंग और बड़े प्रोजेक्ट पर अलग से सरचार्ज निकालकर राशि जुटा सकती है। मुझे नहीं लगता है कि कहीं से फंड की कमी होगी।

Courtesy: jagran.com




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