मानूसन में बारिश का मजा तो ऐसे लें |

भारत में मानसून अपने साथ फ्लू जैसी बीमारियां भी लेकर आता है। इस मौसम में छोटे बच्चों से लेकर वयस्क भी फ्लू का शिकार होते हैं। इसके अलावा बार-बार बदलते तापमान का भी शरीर पर बुरा असर पड़ता है, इसलिए मानसून का आनंद लेने के साथ-साथ खुद को स्वस्थ रखना भी जरूर है।

नई दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स की डॉ तरुण साहनी ने कहा कि फ्लू का संक्रमण हालांकि जानलेवा नहीं होता, लेकिन छोटे बच्चों और बुजुगोर्ं में इसके कारण कई समस्याएं हो सकती हैं। खासतौर पर उन लोगों पर इसका बुरा असर पड़ता है, जिनकी प्रतिरक्षा प्रणाली/इम्यून सिस्टम कमजोर हो। फ्लू के लक्षणों के बारे में उन्होंने कहा मानसून में होने वाला फ्लू दो सप्ताह में ठीक हो जाता है, लेकिन कुछ समय के लिए इसके लक्षण बहुत ज्यादा परेशान कर सकते हैं। इसके कुछ आम लक्षण हैं- तेज बुखार, पसीना आना, कंपकंपी छूटना, लगातार खांसी, नाक बहना, शरीर में दर्द, त्वचा पर रैश वगैरह।  

डॉ. साहनी ने कहा कि इस सीजन में अपने आप को संक्रमण से बचाएं। जिन चीजों को लोग ज्यादा छूते हैं, वहां पर रोग के जीवाणु बहुत जल्दी पनपते हैं। हवा के जरिए भी सांस से ये जीवाणु एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल जाते हैं। लेकिन सावधानी बरतने से फ्लू की संभावना को कम किया जा सकता है।

उन्होंने सुझाव देते हुए कहा खाना खाने से पहले हाथ धोना बहुत जरूरी है, क्योंकि ये जीवाणु शारीरिक संपर्क से फैलते हैं। नियमित रूप से व्यायाम करें, इससे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत बनती है। पयार्प्त मात्रा में पानी पीएं, सेहतमंद और पोषक आहार लें। स्वास्थ्यप्रद भोजन खाने से प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है। इन्फ्लुएंजा से बचने के लिए वैक्सीन उपलब्ध है, लेकिन यह उन्हीं लोगों को देनी चाहिए जिनमें संक्रमण की आशंका अधिक हो।

बुखार और शरीर के दर्द को कम करने के लिए दवाएं ली जा सकती हैं। कफ ड्रॉप खांसी से राहत देते हैं, लेकिन अगर लक्षण बहुत ज्यादा परेशान कर रहे हैं तो डॉक्टर से सलाह लें। मानसून में सेकेंडरी इन्फेक्शन भी हो सकता है। ऐसे मामलों में दोस्तों, इंटरनेट की सलाह से दवाएं लेने बजाए डॉक्टर से सलाह लें। आराम करें, कम से कम 8 घंटे की नींद लें। मानसून फ्लू के संक्रमण को ठीक करने के लिए आराम करना बहुत जरूरी है।

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