भारत की 101 साल की मान कौर को विदेशी मीडिया ने बताया चमत्कार

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  • April,25,2017
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चंडीगढ़। भारत की 101 साल की धाविका मान कौर ने उम्र को धता बताकर सोमवार को विश्व मास्टर्स खेलों में 100 मीटर की फर्राटा दौड़ का स्वर्ण पदक जीता। यह उनके करियर का कुल 17वां स्वर्ण पदक है। मान कौर ने एक मिनट 14 सेकेंड में दौड़ पूरी की। इस तरह से उन्होंने उसैन बोल्ट के 2009 में बनाए गए 100 मीटर के विश्व रिकार्ड से 64.42 सेकेंड का अधिक समय लिया, लेकिन स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने कौर का भरपूर समर्थन किया। हालांकि, जीत पक्की थी...
न्यूजीलैंड की मीडिया ने कौर को चंडीगढ़ का चमत्कार बताया...
- कौर की जीत हालांकि पक्की थी क्योंकि 100 वर्ष से अधिक उम्र के वर्ग में वह अकेली भागीदार थी।
- न्यूजीलैंड में हुई इस प्रतियोगिता में हालांकि, कुल 25 हजार प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था।
- न्यूजीलैंड की मीडिया ने कौर को चंडीगढ़ का चमत्कार बताया। उनके लिए दौड़ का समय नहीं बल्कि उसमें भाग लेना महत्वपूर्ण था।
- उन्होंने पंजाबी दुभाषिये के जरिए पत्रकारों से कहा, मैंने इसका लुत्फ उठाया और मैं बहुत खुश हूं।
- मैं फिर से दौड़ने जा रही हूं। मैं दौड़ना नहीं छोडूंगी। मैं आगे भी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लूंगी।ज्ज् कौर ने केवल आठ साल पहले 93 साल की उम्र में एथलेटिक्स को अपनाया।
- इससे पहले उन्हें खेलों का कोई अनुभव नहीं था, लेकिन उनके बेटे गुरदेव सिंह ने उन्हें अपने साथ अंतरराष्ट्रीय मास्टर्स खेलों में भाग लेने का सुझाव दिया।

- चिकित्सकीय परीक्षणों के बाद उन्हें अनुमति मिल गई और तब मां और बेटा दोनों ही विश्व भर में एक दर्जन मास्टर्स एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके हैं। कौर अभी तक 17 स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं और उनकी योजना ऑकलैंड में 200 मीटर दौड़, दो किग्रा गोला फेंक और 400 ग्राम भाला फेंक में भाग लेने का है।
इससे उनके पदकों की संख्या 20 पर पहुंच जाएगी। उनके बेटे ने एक भारतीय न्यूजपेपर को बताया कि कौर अपने डाइट को लेकर काफी सख्त हैं। वह खाने में व्हीटग्रास जूस और किण्वित दूध जैसी चीजें लेती हैं। वर्ल्ड मास्टर गेम 2017 की चीफ एग्जीक्यूटिव ने कहा, वर्ल्ड मास्टर्स गेम सभी के लिए खेल के सिद्धांत पर काम करता है और मन कौर ठीक वैसे ही व्यक्तित्व की हैं।
- वर्ल्ड मास्टर्स गेम्स 4 साल में एक बार होती है। 9वां संस्करण चल रहा है।
-21 से 30 अप्रैल तक चलने वाली प्रतियोगिता में 35 साल से ज्यादा उम्र के 28 खेलों के 25 हजार खिलाड़ी भाग ले रहे हैं।

93 साल की उम्र में खेलना शुरू किया मानकौर ने महज 8 साल पहले ही एथलेटिक्स में हिस्सा लेना शुरू किया।
बेटे गुरदेव सिंह ने उन्हें इंटरनेशनल मास्टर्स गेम्स में शामिल होने का सुझाव दिया।
मान अब तक करीब 12 प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी हैं। और 17 गोल्ड मेडल अपने नाम कर चुकी हैं।

शॉट पुट, जैवलिन थ्रो और 200 मीटर रेस में भी उतरेंगी:
मानकौर इसी साल अपनी मेडल संख्या 20 करना चाहती हैं। इसलिए टूर्नामेंट में वह तीन और इवेंट 200 मी रेस, शॉट पुट और जैवलिन थ्रो में भी हिस्सा लेंगी।

ऑस्टियोपोरोसिस के कारण रीढ़ की हड्‌डी टेढ़ी हो चुकी है। फिर भी वे दौड़ती हैं।

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